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देवरिया में शराब तस्करों का दुस्साहस: चौकी इंचार्ज पर गाड़ी चढ़ाई, 20 पेटी अवैध शराब बरामद

By Stalin • May 14, 2026 • 1 min read

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देवरिया के भिगारी बाजार चौकी पर शराब तस्करी की घटना को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर, जिसमें टूटा बैरियर, पुलिस वाहन, अवैध शराब की पेटियां और घायल पुलिसकर्मी दिखाई दे रहे हैं।

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देवरिया। उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा से सटे देवरिया जिले में शराब तस्करी का नेटवर्क एक बार फिर पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बनता दिख रहा है। खामपार थाना क्षेत्र के भिगारी बाजार चौकी पर तैनात चौकी इंचार्ज जय सिंह यादव पर शराब तस्करों द्वारा गाड़ी चढ़ाने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। गंभीर रूप से घायल चौकी इंचार्ज को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि चार पहिया वाहन से अवैध शराब की खेप बिहार की ओर ले जाई जा रही है। इसी सूचना पर भिगारी बाजार चौकी क्षेत्र में पुलिस ने बैरियर लगाकर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की गई। आरोप है कि शराब तस्करों ने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार में बैरियर तोड़ते हुए चौकी इंचार्ज जय सिंह यादव पर गाड़ी चढ़ा दी।

घटना में चौकी इंचार्ज गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को कब्जे में लिया और बिहार राज्य के रहने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

वाहन से 20 पेटी अवैध देशी शराब बरामद

पुलिस की तलाशी में चार पहिया वाहन से 20 पेटी अवैध देशी शराब बरामद की गई है। बताया जा रहा है कि शराब की यह खेप बिहार ले जाई जा रही थी, जहां शराबबंदी लागू होने के कारण अवैध शराब की तस्करी लंबे समय से सक्रिय नेटवर्क के जरिए की जाती रही है।

देवरिया के खामपार और श्रीरामपुर थाना क्षेत्र पहले भी शराब तस्करी के संवेदनशील मार्ग के रूप में सामने आते रहे हैं। एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया था कि यूपी-बिहार बॉर्डर से सटे श्रीरामपुर और खामपार थाना क्षेत्रों में शराब तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है और पगडंडियों व सीमावर्ती रास्तों के जरिए शराब बिहार भेजी जा रही है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख था कि पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद तस्कर नए रास्ते और तरीके अपना रहे हैं।

भिगारी क्षेत्र पहले भी रहा है तस्करी रूट

यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि भिगारी और खामपार क्षेत्र से पहले भी अवैध शराब की खेप पकड़ी जा चुकी है। अप्रैल 2026 में खामपार पुलिस ने भिंगारी ओवरब्रिज के पास एक बोलेरो वाहन से 20 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की थी। उस कार्रवाई में 960 पाउच, यानी 172.8 लीटर शराब बरामद होने की बात सामने आई थी और वाहन से फर्जी नंबर प्लेट भी मिली थी।

इसी तरह देवरिया पुलिस द्वारा हरियाणा से बिहार ले जाई जा रही शराब की खेप पकड़ने की खबर भी हाल में सामने आई, जिसमें दो तस्करों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई थी। यह दिखाता है कि देवरिया केवल स्थानीय अवैध बिक्री का केंद्र नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय शराब तस्करी के लिए एक ट्रांजिट कॉरिडोर बनता जा रहा है।

पुलिस पर हमला: कानून व्यवस्था के लिए बड़ा संकेत

इस घटना का सबसे खतरनाक पहलू सिर्फ शराब बरामदगी नहीं, बल्कि पुलिस अधिकारी पर वाहन चढ़ाने का आरोप है। यह सीधे-सीधे पुलिस कार्रवाई को चुनौती देने जैसा है। शराब तस्करों ने पहले चौकी पर लगे बैरियर को क्षतिग्रस्त किया और फिर पुलिसकर्मी को कुचलने की कोशिश की—यह बताता है कि अवैध कारोबार में लगे गिरोह अब चेकिंग प्वाइंट को भी तोड़कर भागने की रणनीति अपना रहे हैं।

ऐसे मामलों में सामान्यत: आरोपियों पर आबकारी अधिनियम के साथ-साथ सरकारी कार्य में बाधा, पुलिसकर्मी पर हमला, जानलेवा हमला, सरकारी संपत्ति को नुकसान और वाहन के आपराधिक उपयोग से संबंधित धाराओं में कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, इस मामले में दर्ज धाराओं की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की एफआईआर या बयान आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

बिहार शराबबंदी और देवरिया का बॉर्डर कनेक्शन

देवरिया की भौगोलिक स्थिति इस पूरे नेटवर्क को समझने में अहम है। जिले के कई इलाके बिहार की सीमा से जुड़े हैं। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद यूपी से शराब की अवैध आपूर्ति के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। तस्कर कभी बाइक, कभी लग्जरी कार, कभी बोलेरो/स्कार्पियो, तो कभी फर्जी नंबर प्लेट लगे वाहनों का इस्तेमाल करते हैं।

खामपार और श्रीरामपुर जैसे सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में लगातार पकड़ी जा रही शराब की खेप यह संकेत देती है कि यह सिर्फ छोटे स्तर की तस्करी नहीं है, बल्कि इसके पीछे सप्लाई, स्टोरेज, वाहन, फर्जी नंबर प्लेट और स्थानीय रास्तों की जानकारी रखने वाला संगठित नेटवर्क हो सकता है। Live Hindustan की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस के आंकड़े खुद बताते हैं कि दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच खामपार, बनकटा, लार, श्रीरामपुर और सलेमपुर क्षेत्रों में कई शराब की खेपें पकड़ी गईं।

जांच के मुख्य सवाल

इस घटना के बाद कई सवाल खड़े होते हैं:

  1. क्या गिरफ्तार दोनों आरोपी केवल कैरियर थे या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं?
  2. वाहन किसके नाम पर था और क्या उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी?
  3. शराब की खेप कहां से उठाई गई और बिहार में किसे सप्लाई होनी थी?
  4. क्या इस रूट पर स्थानीय स्तर पर कोई मददगार नेटवर्क काम कर रहा है?
  5. क्या भिगारी बाजार चौकी पर लगे बैरियर और चेकिंग सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत है?

इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन इतना स्पष्ट है कि सीमावर्ती इलाकों में शराब तस्करों का नेटवर्क केवल कानून तोड़ने तक सीमित नहीं रहा, अब वह पुलिस व्यवस्था से सीधे टकराने लगा है।

स्थानीय स्तर पर दहशत और पुलिस अलर्ट

घटना के बाद भिगारी बाजार और आसपास के इलाके में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। संभावना है कि पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।

स्थानीय लोगों के लिए यह घटना चिंता का विषय है, क्योंकि चौकी जैसे पुलिस नियंत्रण बिंदु पर हमला बताता है कि तस्करों के हौसले कितने बढ़ चुके हैं। अगर समय रहते इस नेटवर्क की जड़ें नहीं काटी गईं, तो सीमावर्ती इलाकों में पुलिस और आम नागरिक दोनों के लिए खतरा बढ़ सकता है।

निष्कर्ष

देवरिया के भिगारी बाजार चौकी की यह घटना केवल एक शराब तस्करी केस नहीं है; यह सीमावर्ती अपराध, बिहार शराबबंदी के बाद बने अवैध बाजार और पुलिस पर बढ़ते हमलों की गंभीर तस्वीर है। 20 पेटी शराब बरामद होना बड़ी कार्रवाई है, लेकिन चौकी इंचार्ज पर वाहन चढ़ाने का आरोप इस मामले को बेहद संवेदनशील बना देता है।

फिलहाल चौकी इंचार्ज जय सिंह यादव का इलाज जारी है और दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब सबसे बड़ी जरूरत है कि पुलिस इस मामले को केवल बरामदगी तक सीमित न रखे, बल्कि पूरे नेटवर्क—सप्लायर, वाहन मालिक, रिसीवर और स्थानीय मददगारों—तक जांच को पहुंचाए। सीमावर्ती अपराध अक्सर धुंध की तरह फैलता है; उसे रोकने के लिए सिर्फ बैरियर नहीं, बल्कि खुफिया तंत्र, लगातार निगरानी और तेज अभियोजन की जरूरत होती है।

नोट: इस लेख में घटना का मुख्य विवरण आपके दिए गए स्थानीय इनपुट पर आधारित है। उपलब्ध ऑनलाइन स्रोतों में इसी सटीक हमले की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि खोज परिणामों में स्पष्ट रूप से नहीं मिली, इसलिए लेख में इसे “प्रारंभिक जानकारी/आरोप” के रूप में प्रस्तुत किया गया है। बाकी संदर्भ देवरिया-खामपार क्षेत्र में हालिया शराब तस्करी मामलों से पुष्ट किए गए हैं।

Stalin

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