🌐 GlobalTimesHindi.com विशेष रिपोर्ट
लखनऊ, 29 जुलाई:
राजनीति में बयानबाज़ी कोई नई बात नहीं, लेकिन जब ये बयान सीमाओं को लांघने लगें तो उसका असर ज़रूर देखने को मिलता है। ऐसा ही कुछ हुआ जब मौलाना राशिदी ने समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव के कपड़ों को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी — और इसके तुरंत बाद एक सपा समर्थक ने उन्हें मंच पर ही थप्पड़ जड़ दिया।
यह घटना एक स्थानीय जनसभा के दौरान हुई, जहां मौलाना राशिदी को आमंत्रित किया गया था। लेकिन जब उन्होंने अपने भाषण में डिंपल यादव के पहनावे को लेकर आलोचनात्मक और व्यक्तिगत टिप्पणी की, तो सभा में मौजूद सपा कार्यकर्ता भड़क उठे। माहौल गर्म हुआ और कुछ ही पलों में एक युवा समर्थक मंच पर पहुंचा और मौलाना राशिदी को सबके सामने थप्पड़ मार दिया।
🔴 सपा कार्यकर्ताओं की तीखी प्रतिक्रिया
घटना के तुरंत बाद सपा के कार्यकर्ताओं ने मौलाना के बयान की निंदा करते हुए कहा कि “किसी महिला के कपड़ों पर टिप्पणी करना न सिर्फ अशोभनीय है, बल्कि नारी सम्मान के खिलाफ है।”
एक वरिष्ठ सपा नेता ने कहा, “हम विचारों का विरोध कर सकते हैं, लेकिन किसी की गरिमा पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा — चाहे वो किसी भी धर्म या विचारधारा से जुड़ा हो।”
🧕 डिंपल यादव ने क्या कहा?
हालांकि डिंपल यादव ने अब तक इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वह इस तरह की टिप्पणियों को “राजनीतिक निम्नता” मानती हैं। पार्टी के अंदरखाने से संकेत मिले हैं कि इस मुद्दे को महिला सम्मान से जोड़कर विधान सभा में उठाया जा सकता है।
🕌 मौलाना राशिदी का पक्ष
थप्पड़ पड़ने के बाद मौलाना राशिदी ने मीडिया से कहा कि उनके बयान को “तोड़-मरोड़कर पेश किया गया” और उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि वह बयान वापस लेते हैं लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि “कपड़ों और संस्कृति पर चर्चा करना धर्म का हिस्सा है।”
📢 GlobalTimesHindi.com की टिप्पणी:
राजनीतिक मंच पर विचारों की टकराहट आम बात है, लेकिन जब यह टकराव किसी की व्यक्तिगत गरिमा पर हमला बन जाए, तो उसका सामाजिक विरोध होना स्वाभाविक है। महिलाओं के वस्त्रों को लेकर सार्वजनिक मंचों पर की जाने वाली टिप्पणियां समाज में गलत संदेश देती हैं और ऐसी मानसिकता का विरोध होना ही चाहिए।
👉 क्या यह घटना आने वाले चुनावों में ‘नारी सम्मान’ के मुद्दे को और प्रबल बनाएगी?
👉 या यह सिर्फ एक और क्षणिक राजनीतिक तूफ़ान था?
वक़्त ही बताएगा।
📅 रिपोर्ट: 29 जुलाई 2025
✍️ रिपोर्टर: GlobalTimesHindi.com टीम, लखनऊ
