GlobalTimeshindi डेस्क | पटना | जुलाई 2025
कोर्ट में भावुक अपील: “मैं थक चुका हूं…”
पटना की एक अदालत में पेशी के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक रितलाल यादव इस कदर भावुक हो गए कि उन्होंने न्यायाधीश से हाथ जोड़कर कहा:
“हजूर, मुझे इच्छा मृत्यु दे दीजिए… मैं इन मुकदमों से परेशान हो चुका हूं।”
रितलाल यादव, जो इस समय भागलपुर जेल में बंद हैं, ने यह भी मांग की कि उन्हें वापस बेउर जेल भेजा जाए क्योंकि उन्हें मौजूदा जेल में न तो सही चिकित्सा मिल रही है और न ही कानूनी मदद।
कौन हैं रितलाल यादव?
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दानापुर से RJD विधायक
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पूर्व में कई आपराधिक मामलों में आरोपी
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2020 में जेल से ही चुनाव जीतकर विधायक बने
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30 से ज़्यादा गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज
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राजनीति में लालू यादव के करीबी माने जाते हैं
रितलाल यादव को बिहार की राजनीति में ‘गैंगस्टर से नेता बने’ नेताओं में गिना जाता है।
अब पत्नी पर विवाद: शिक्षक होकर ठेकेदारी?
जब कोर्ट में रितलाल यादव रो रहे थे, उसी समय उनकी पत्नी रिंकू कुमारी पर एक नया विवाद सामने आया।
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रिंकू कुमारी एक सरकारी स्कूल में संविदा शिक्षिका हैं
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आरोप है कि उन्होंने सेवा नियमों का उल्लंघन करते हुए “विजय कंस्ट्रक्शन” नाम की प्राइवेट फर्म में पार्टनरशिप की
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यह फर्म नवंबर 2017 से सक्रिय है, जबकि वह शिक्षिका के तौर पर 2006 से काम कर रही हैं
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सरकारी नियमों के अनुसार कोई भी शिक्षक व्यावसायिक गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकता
इस मामले में ADG कुणाल कृष्णन की चिट्ठी पर शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
क्या कहता है यह पूरा घटनाक्रम?
यह घटना न केवल एक विधायक की मानसिक थकान और बेबसी को दर्शाती है, बल्कि यह भी उजागर करती है कि राजनीतिक पहुंच वाले लोगों के खिलाफ नियमों का पालन कैसे ढीला पड़ जाता है।
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क्या इतने वर्षों तक रिंकू कुमारी के व्यापारिक साझेदारी की जानकारी विभाग को नहीं थी?
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क्या रितलाल यादव की राजनीतिक स्थिति ने इन नियमों की अनदेखी करवाई?
निष्कर्ष:
रितलाल यादव का “इच्छा मृत्यु” की मांग करना केवल एक अदालत का दृश्य नहीं है, यह भारत की न्यायिक प्रक्रिया में मानसिक दबाव और राजनीतिक व्यवस्था की जटिलता की गवाही देता है।
वहीं उनकी पत्नी पर लगे आरोप ये सवाल खड़े करते हैं —
क्या हमारे नियम सिर्फ आम आदमी के लिए हैं? या सत्ता से जुड़े लोग उन पर हावी रहते हैं?
