GlobalTimesHindi | 30 जुलाई 2025 | टोक्यो, जापान

जापान के इशिकावा प्रांत में मंगलवार तड़के एक तेज़ भूकंप ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। भूकंप की तीव्रता 7.3 रिक्टर स्केल मापी गई, जिससे टोक्यो, ओसाका और नागोया जैसे बड़े शहरों में भी तेज़ झटके महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने तटवर्ती क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की, जिसे बाद में एडवाइजरी में बदला गया।


भूकंप का केंद्र और गहराई

  • तीव्रता: 7.3 रिक्टर स्केल

  • गहराई: लगभग 10 किलोमीटर

  • केंद्र: नोटो प्रायद्वीप, इशिकावा प्रांत के पास समुद्र में

  • समय: सुबह 4:42 बजे (जापान समयानुसार)

JMA के अनुसार, भूकंप का केंद्र सतह के बहुत करीब था, जिससे झटके और भी अधिक प्रभावी महसूस हुए। तटीय क्षेत्रों में हल्की लहरें (0.8 से 1.1 मीटर) दर्ज की गईं।


तत्काल प्रभाव और सरकारी प्रतिक्रिया

  • बिजली बाधित: इशिकावा और टोयामा प्रांत के हज़ारों घरों में बिजली गुल हो गई।

  • यातायात ठप: शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन) सेवाएं रोकी गईं, टोक्यो मेट्रो और JR लाइनें भी अस्थायी रूप से बंद रहीं।

  • एयरपोर्ट सुरक्षा: हानेडा और कंसाई एयरपोर्ट पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोका गया।

  • सुनामी अलर्ट: तटीय इलाकों में रहने वालों को ऊंचाई वाली जगहों पर जाने का निर्देश मिला।

जापान की अर्ली वार्निंग सिस्टम ने झटकों से पहले 10 से 20 सेकंड की चेतावनी दी — जिससे कई लोगों को सुरक्षा लेने में मदद मिली।


क्षति और हताहत

  • मृत्यु: अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि,

  • घायल: 120 से अधिक लोग घायल, जिनमें कई अस्पतालों में भर्ती हैं।

  • संरचनात्मक क्षति: वजीमा और सुज़ु शहरों में कई पुरानी इमारतें गिर गईं।

  • स्कूल और सरकारी भवन: 23 से अधिक स्कूलों और कार्यालयों में दरारें और छतें गिरने की सूचना।


सरकार और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

  • प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने तुरंत आपातकालीन बैठक बुलाई और कहा:

    “नागरिकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हर संभव मदद दी जाएगी।”

  • अमेरिका, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय यूनियन ने सहायता की पेशकश की और समर्थन जताया।

  • जापानी सेना (JSDF) को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया।


जापान की तैयारियाँ क्यों बेहतर हैं?

जापान “पैसिफिक रिंग ऑफ फायर” में स्थित है और दुनिया के सबसे भूकंप-संवेदनशील देशों में से एक है। लेकिन यहाँ:

  • भूकंपरोधी इमारतें,

  • राष्ट्रीय चेतावनी प्रणाली,

  • सामुदायिक ड्रिल,

  • मोबाइल अलर्ट सिस्टम मौजूद हैं।

इन प्रयासों की वजह से बड़ी क्षति होने से रोकी जा सकी।


क्या है आगे की योजना?

  • अब तक 35 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए जा चुके हैं।

  • नागरिकों को अगले 72 घंटे सतर्क रहने को कहा गया है।

  • पहाड़ी और दूरदराज़ क्षेत्रों में राहत कार्य तेज़ी से जारी है।


आपातकालीन सहायता और हेल्पलाइन

  • आपदा आपातकालीन नंबर: 171

  • जापान रेड क्रॉस हेल्पलाइन: +81-3-3437-7081

  • शरणार्थी केंद्र जानकारी: NHK ऐप और JMA वेबसाइट पर उपलब्ध