GlobalTimeshindi.com | 30 जुलाई 2025

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एक मुस्लिम परिवार ने ऐसा काम किया है जिसने पूरे देश को यह याद दिला दिया कि इंसानियत, आस्था और भाईचारा किसी भी मज़हब से बड़ा होता है।

दरअसल, जब एक मुस्लिम युवक के घर में खुदाई चल रही थी, तब वहाँ शिवलिंग प्राप्त हुआ। यह जानकारी फैलते ही गांव में उत्सुकता की लहर दौड़ गई। लेकिन जो हुआ, उसने सबका दिल जीत लिया — परिवार ने वह ज़मीन मंदिर के लिए दान में दे दी

खुदाई में मिला शिवलिंग, गांव में फैली शांति की भावना

घटना चंदौली के एक छोटे से गांव की है, जहाँ खुदाई के दौरान ज़मीन से एक प्राचीन शिवलिंग निकला। जैसे ही यह खबर फैली, सैकड़ों ग्रामीण वहाँ पहुँच गए। माहौल पूरी तरह श्रद्धा और शांति से भर गया।

शिवलिंग की जानकारी मिलते ही सावन के पावन महीने में लोग पूजा-पाठ और जलाभिषेक के लिए एकत्रित होने लगे।


आस्था का सम्मान, धर्म से ऊपर इंसानियत

परिवार ने जिस समझदारी और श्रद्धा से काम लिया, वह काबिले तारीफ़ है। उन्होंने न सिर्फ विवाद टाल दिया, बल्कि एक बिस्वा ज़मीन मंदिर के निर्माण के लिए दान कर दी

परिवार के एक सदस्य ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“हमारे गांव में हमेशा हिंदू-मुस्लिम एक साथ रहते हैं। अगर हमारे आंगन से कुछ पवित्र निकला है, तो वह सबके लिए है। हम मंदिर के लिए ज़मीन दान करते हैं — यही हमारी आस्था और भाईचारे की पहचान है।”

उनका यह फैसला दोनों समुदायों के बीच और भी मजबूत रिश्तों की मिसाल बन गया।


सावन और रमज़ान, साथ-साथ मनाया गया सौहार्द

शिवलिंग की खोज सावन के दौरान हुई, जो भगवान शिव का महीना माना जाता है। लोगों ने पूजा-पाठ, भजन और जलाभिषेक शुरू कर दिया। मुस्लिम परिवार भी पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ साथ खड़ा रहा।

यह वह छवि है जो सच्चे भारत की पहचान है — जहाँ मंदिर की आरती में मस्जिद की दुआ भी शामिल होती है।


प्रशासन और गांववालों का सहयोग

स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए सतर्कता दिखाई, लेकिन कोई विवाद नहीं हुआ। गांव के नेताओं और धार्मिक गुरुओं ने परिवार की दरियादिली की प्रशंसा की और कहा कि यह गांव अब एक मिसाल बन गया है।


पूरे देश के लिए संदेश

इस छोटी सी घटना ने एक बड़ा संदेश दिया है — कि आस्था हमें जोड़ सकती है, तोड़ नहीं सकती। यह साबित करता है कि:

  • धर्म अलग हो सकते हैं, इंसानियत एक ही है

  • सम्मान और समझदारी ही सच्ची आस्था है।

  • मंदिर-मस्जिद की दीवारें नहीं, दिलों की एकता ज़रूरी है।


चलिए एकता को अपनाएं

चंदौली की यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, हमारे समाज की रौशनी है। यह बताती है कि जब दिल खुले होते हैं, तो धर्म खुद रास्ता बना लेता है

आइए, इस मिसाल को फैलाएं, और दिखाएं कि भारत आज भी प्यार और सौहार्द से बनता है